प्रदेश व प्रान्तों मे स्वामी महराज ने दो वर्षों से गांव-गांव में करवाई हनुमान चालीसा का पाठ
पाठ खत्म होने के बाद प्रसाद वितरण करते हैं
नसीराबाद- रायबरेली=
नसीराबाद थाना क्षेत्र के डीघा गांव के स्वामी प्रदीप महाराज जी 2 वर्ष से गांव-गांव में हनुमान चालीसा पाठ कराते हैं| पाठ कराने के बाद हिंदूधर्म के बारे में उनको जानकारी देते हैं और प्रसाद वितरण करते हैं यही नही अपने प्रदेश के अलावा अन्य प्रांतो में भी यह काम जोर सोर से कर रहे हैं।
और लोगों से भी करवा रहे हैं अभी तक करीब बीस हजार जगह हनुमान चालिसा का पाठ करा चुके है सबसे अच्छी बात तो यह है। कि ईस काम में इनकी धर्म पत्नी भी ईनके साथ साथ रहकर महराज जी का बराबर सहयोग करती है ।
महाराज स्वामी का कहना है कि सभी हिन्दू एक होकर सनातनी धर्म को अपना कर आगे बढ़ाना है ।
जिससे आने वाले समय में अपना हिन्दू सनातनी धर्म पर किसी तरह का कोई खतरा न हो सके।
आईए आपको बताते हैं कि प्रदीप महाराज स्वामी जी कौन है| ऐ जनपद रायबरेली के नसीराबाद थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव डीघा के है।
जबकि डीघा गांव दूर दराज यहां तक कि गंगा घाट जैसे कासी बनारस,गोकना घाट ,शीतला धाम,कालिकन धाम आदि पवित्र स्थलों तक मसहूर है।
इसी गांव के जन्मे महराज स्वामी प्रदीप के पिता हरिश्चंद पाण्डेय एक सरकारी टीचर( शिक्षक) रह चुके हैं।
जो क्षेत्र के कयी प्राथमिक विधालयो में छात्र छात्राओं को शिक्षा ग्रहण कराई है महराज जी दो भाई थे बडे भाई का नाम गगन उर्फ शंकर पाण्डेय जिनका करीब एक वर्ष पूर्व एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई है।
एक बहन है जो शादी शुदा है।
महाराज जी की उम्र करीब 52 वर्ष की हो रही है।
अब तक ईन्होंने छतोह ब्लाक के गांव डीघा,ईटरौरा,भावापुर,भेलिया,
कोबी,कुढा,संडहा,कयी गांवों में हनुमान चालिसा का पाठ करा चुके हैं।
इसी तरह अमेठी, प्रतापगढ़ ,कौशांबी ,जौनपुर इलाहाबाद, जोधपुर लखनऊ, प्रयागराज ,अयोध्या,फतेहपुर, बांदा,कानपुर ,सुल्तानपुर आदि दर्जनों जनपदों समेत मध्य प्रदेश पश्चिम बंगाल,बिहार,छत्तीसगढ़,झारखंड आदि कयी राज्य,एवं प्रांत व शहरों में पाठ करवाते आ रहे हैं।
रात दिन हिन्दुत्व को जगाने में लगे महाराज जी अपना घर बार छोड़कर मेहनत में लगे रहते हैं महराज से बात होने पर बताया की भक्ती सागर एक समुन्दर है।
जो अपना लिया तो पीछे नहीं देखना है।
ईश्वर के समुन्दर में डूबते ही जाना है डूबते ही जाना है।
सभी हिन्दू को एक कर मांस मदिरा त्याग करवाकर सभी हिन्दु को सनातनी बनाना है।
किसी से कुछ लेना नहीं है।
बस हनुमान चालिसा का पाठ कराते हैं और प्रसाद बितरण करते हैं।
आशुतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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