जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते तीन दिन से रास्ते में तड़प रहा गौवंश
सूचना देने पर पत्रकारों को ही नसीहत देते अधिकारी
रायबरेली।
एक तरफ जहां योगी सरकार द्वारा गौवंशो की रक्षा के लिए करोड़ों का बजट खर्च किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा शासन की मंशा पर पानी फेरने का काम बखूबी किया जा रहा है। जनपद में विभिन्न स्थानों पर गोवंशों की दुर्दशा के मामले आए दिन समाचारों की सुर्खियों में बने रहते हैं किंतु सरकार द्वारा करोड़ों के बजट एवं सख्त निर्देशों के बाद भी जिम्मेदारों की उदासीनता समाप्त होने का नाम नहीं लेती।
प्राप्त जानकारी अनुसार जनपद के अमावां विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम सभा मनचितपुर स्थित कोल्ड स्टोर के निकट राजमार्ग से तकिया लिंक रोड पर एक गाय विगत तीन दिनों से घायलावस्था में पड़ी हुई थी किन्तु स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा न तो घायल गाय की सुरक्षा हेतु कोई कदम उठाया और न ही इसकी सूचना संबंधित अधिकारी को दी गई।
वह तो स्थानीय निवासियों द्वारा उक्त गाय की यथासंभव देखभाल की जाती रही नही तो कदाचित वह गाय अब तक दम तोड़ चुकी होती। सूचना मिलते ही रविवार को एक संवाददाता द्वारा खण्ड विकास अधिकारी अमावां को उक्त मामले की सूचना दी गई परन्तु सूचना देने के लगभग 22 घंटे बाद भी कोई कार्यवाही नही की गई।
इस प्रकरण में एक संवाददाता द्वारा जब मुख्य विकास अधिकारी रायबरेली अंजुलता से बात की गई तो उन्होंने संज्ञान में लेकर दिखवाने आश्वासन देते हुए कहा कि आप लोग उन पर भी नज़र रखिए हो लोग यूज़ करके छोड़ जाते हैं। मुख्य विकास अधिकारी को सूचित करने के उपरांत उक्त संवाददाता के पास एक अधिकारी का फोन आता है जिसमें अधिकारी द्वारा संवाददाता से ही घायल गाय को उठवाकर गौशाला भिजवाने को कहा जाता है।
अब ऐसे में मुख्य विकास अधिकारी एवं फ़ोन करने वाले अधिकारी की बातों से सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित विभागों तथा जनप्रतिनिधियों के पास इतने भी संसाधन नही हैं कि वह ऐसे मामलों में नज़र रख सके अथवा सड़क पर पड़े घायल गौवंशों को गौशाला तक ले जाने व उपचार हेतु उचित व्यवस्था कर सके?
मंडल ब्यूरो चीफ पवन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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