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आरजीएनएयू में तीन दिवसीय नवागंतुक छात्र परिचय कार्यक्रम का समापन


आरजीएनएयू में तीन दिवसीय नवागंतुक छात्र परिचय कार्यक्रम का समापन

फुरसत गंज,रायबरेली

राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (आरजीएनएयू) में तीन दिवसीय नवागंतुक छात्र परिचय कार्यक्रम आज, 28 अगस्त 2025 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी. एन. सिंह ने सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया और बी.टेक. कार्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्य, छात्रों और शोधार्थियों दोनों के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने लोक सेवकों के लिए हैं, क्योंकि वे भी शैक्षिक सामग्री के निर्माण एवं अनुसंधान कार्यों में संलग्न रहते हैं।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत, सेवानिवृत्त आईएएस एवं पूर्व लोकपाल सदस्य डॉ. आई. पी. गौतम ने 28 अगस्त 2025 को “मूल्य आधारित सुशासन में नैतिकता की भूमिका” विषय पर व्याख्यान दिया। विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए डॉ. गौतम ने शासन की मजबूत नींव रखने के लिए ईमानदारी, निष्पक्षता, विविधता का सम्मान, जवाबदेही, पारदर्शिता और स्थिरता के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने छात्रों को अपने व्यक्तिगत एवं पेशेवर जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया, जिससे एक मूल्य आधारित समाज का निर्माण हो सके जो सभी हितधारकों को समान एवं निष्पक्ष अवसर प्रदान करे।

डॉ. गौतम ने आगे कहा कि वर्तमान संदर्भ में, जब संवैधानिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों पर प्रश्नचिह्न लगाए जा रहे हैं, तब मूल्य आधारित सुशासन की आवश्यकता और भी अधिक प्रासंगिक हो गई है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी सूची में भारत 180 देशों में से 80वें स्थान पर रहा है, जो सबसे कम भ्रष्ट देशों की श्रेणी में है। अतः सभी देशवासी को अपने व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में नैतिक मूल्य अपनाने पर बल दिया ताकि भारत को शीर्ष 40 देशों की श्रेणी में लाया जा सके। उन्होंने छात्रों को लोकपाल की शक्तियों एवं कार्यों के बारे में भी बताया और कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से जांच प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा न्यायिक प्रणाली की दक्षता बढ़ाकर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. निखिल के. कनोडिया, भारतीय पुलिस सेवा ने भी छात्रों के साथ संवाद किया और उन्हें देश एवं विभिन्न संगठनों में पारदर्शिता के महत्व की जानकारी दी। डॉ. कनोडिया ने छात्रों से आगे कहा कि सतर्कता विभाग मुख्य रूप से देश के सभी संगठनों को निष्पक्षा तरीके से कार्यालयी दायित्वों के निर्वहन, प्रभावी सेवा प्रदान करने का वातावरण तैयार करने एवं समयानुकूल संगठन में सुधार लाने में मदद करता है। 

इस अवसर पर नियंत्रक परीक्षाएँ श्री जितेन्द्र प्रसाद, विभागीय समन्वयक डॉ. कौशलेंद्र कुमार दुबे, डॉ. प्रवीण द्विवेदी, श्री ए. के. पाठक, डॉ. संभव सिंह और डॉ. विवेक चंद्रा, डॉ. आशा वर्मा, सहित अन्य संकाय एवं कर्मचारी सदस्य उपस्थित रहे।

मंडल ब्यूरो चीफ पवन श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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