सतांव बीईओ के खिलाफ होगी जांच, शिक्षक का वेतन बीएसए ने किया बहाल
बीमार शिक्षक ओम प्रकाश की पत्नी आज धरने पर थी बैठी
शिक्षक संगठनों के साथ धरने पर बैठी थी शिक्षक की पत्नी
रायबरेली।
सतांव बीईओ के तानाशाही रवैया और बीमार शिक्षक का वेतन न बहाल होने की वजह से आजिज आकर आज शिक्षक की पत्नी बीएसए ऑफिस में आमरण अनशन पर बैठी थी।
शिक्षक की पत्नी के साथ में प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ और डीपीए संघ के शिक्षक भी धरने पर बैठ थे।
आमरण अनशन पर महिला के बैठने के बाद में बीएसए ने शिक्षक का वेतन बहाल कर दिया है।
यहीं नहीं बीईओ सतांव के तानाशाही रवैया की जांच बीईओ राही और हरचंदपुर करेंगे। आज बीईओ मुख्यालय ने शिक्षक की पत्नी को पत्र देकर आमरण अनशन समाप्त कराया।
बता दें, सतांव ब्लॉक के पुरवा पिण्डौर के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक ओम प्रकाश का पिछले दस महीने से वेतन नहीं निकाला गया है। जिससे अब पूरे परिवार के सामने खाने की मुश्किल हो थी।
शिक्षक के परिवार ने अपने वेतन की बहाली के लिए 26 सितम्बर और 26 दिसम्बर को बीएसए को पत्र दिया, लेकिन इसके बाद भी वेतन नहीं बहाल किया गया। आखिरकार एक जनवरी को डीपीए संघ के पदाधिकारियों की तरफ से धरना-प्रदर्शन दिया
गया। शिक्षकों के धरना-प्रदर्शन बीईओ मुख्यालय वीरेन्द्र कनौजिया ने यह कहते हुए समाप्त करा दिया कि दो जनवरी को वेतन बहाल कर दिया जाएगा। लेकिन, उसका वेतन नहीं बहाल किया।
आचार्य द्विवेदी नगर निवासी शिक्षिका नीतू वर्मा ने डीएम को पत्र देकर बताया कि अभी तक वेतन बहाल नहीं किया गया है।
इसके अलावा बीईओ गौरव मिश्रा की तरफ से किए जा रहे उत्पीड़न की भी कोई जांच नहीं कराई गई। उन्होंने बताया कि बीईओ गौरव मिश्रा की तरफ से अब लगातार धमकी दी जा रही है
कि अगर ज्यादा नेतागिरी की गई तो आपके पति को मैं बर्खास्त करा दूंगा। इसकी वजह से आज धरने पर शिक्षक की पत्नी धरने पर बैठी थी।

शिक्षक की पत्नी के साथ में पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष समर बहादुर सिंह, महामंत्री राघवेंद्र यादव, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, महामंत्री शैलेश यादव, डीपीए के जिलाध्यक्ष राजवंत सिंह, सुनील यादव, सुरेश सिंह, शिवशरण सिंह सहित दर्जनों शिक्षक मौजूद रहे।
ब्यूरो चीफ पवन श्रीवास्तव की रिर्पोट
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