पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज दिल्ली में आयोजित हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन एवं कवि सम्मेलन : भारत मौर्या
गणित विभाग पी. जी. डी. ए. वी. कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कवि सम्मेलन किया गया
जिसमें कवि भारत मौर्या जी, शायर ललित मोहन जोशी जी, शायरा श्वेता श्रीवास्तव ‘सदा’ जी, शायर अंकुर मिश्रा जी, कवयित्री माही मुंतज़िर जी उपस्थित रहे।
जिसमें कवि भारत मौर्या ने अपनी सबसे ज्यादा प्रचलित पंक्तियां :- नैन करते हैं वंदन चले आइये,,पढ़कर सबका दिल जीत लिया और शायर ललित मोहन जोशी ने :- हुस्न के उसके न पूछो यार जलवे लिख रहे हैं, अब तो हर अख़बार जलवे, सोचता हूँ राब्ता उस हूर से हो,
फिर यहाँ मेरे भी हों दो-चार जलवे,, पढ़कर ख़ूब तालियाँ बटोरी तथा अन्य सभी ने भी बहुत सुंदर काव्य पाठ किया
साथ ही साथ कॉलेज के कुछ छात्र-छात्राओं ने भी सुंदर-सुंदर प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरी!
कार्यक्रम में प्रिंसिपल डॉ. दरविंदर जी, डॉ. सुमन जायसवाल, डॉ. शुभम जायसवाल आदि उपस्थित रहे और सभी कवि एवं कवित्रियों अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया !
भारत मौर्य की विशेष रिपोर्ट
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