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ट्रॉमा केयर में एम्स रायबरेली ने फिर रचा इतिहास, गर्दन की गंभीर चोट में बचाई जान


ट्रॉमा केयर में एम्स रायबरेली ने फिर रचा इतिहास, गर्दन की गंभीर चोट में बचाई जान

रायबरेली

60 वर्षीय मरीज के गर्दन की गहरी चोट के बाद समय पर सर्जरी कर डॉक्टरों ने बचाई जान — अब मरीज बोल पा रहा है और सामान्य रूप से भोजन ले रहा है।

 एम्स रायबरेली के डॉक्टरों ने एक 60 वर्षीय मरीज की जान बचाते हुए ट्रॉमा केयर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। मरीज गहरी चोट के साथ अस्पताल पहुँचा था, जिसमें उसके गले के अंदर के महत्वपूर्ण हिस्से कट चुके थे और तुरंत जान के लिए खतरा बना हुआ था। उसे पल भर की देरी किए बिना ऑपरेशन थिएटर लेकर आपातकालीन सर्जरी की गई।

“सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. प्रणभ कुशवाहा, डॉ. अमृतांशु सौरभ, डॉ. शिरीष कुमार, डॉ. स्नेहिता और डॉ. श्रेयजीत शामिल थे, जबकि एनेस्थीसिया सपोर्ट डॉ. विजय, डॉ. प्रवीण, डॉ. अनुप्सा और डॉ. बबरा ने प्रदान किया। नर्सिंग ऑफिसर प्रिया और ओटी असिस्टेंट ने ऑपरेशन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” सर्जरी के दौरान गले के अंदरूनी हिस्सों की पुनर्संरचना की गई और मरीज की सांस सुरक्षित रखने के लिए अस्थायी नली लगाई गई। डॉ. कालीचरण और डॉ. विनय ने सतर्क पोस्ट-ऑपरेटिव आईसीयू देखभाल में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया।

ट्रॉमा सर्जन डॉ. प्रणभ कुशवाहा ने बताया —“मरीज की गर्दन पर बेहद गंभीर चोट थी जिसमें एयरवे और फूड पाइप लगभग पूरी तरह अलग हो गए थे। सर्जरी तुरंत की गई और पुनर्संरचना सफल रही। मरीज अब स्पष्ट रूप से बोल पा रहा है और सामान्य रूप से मुंह से भोजन ले पा रहा है।”

जनरल सर्जरी विभाग के समस्त सदस्य, जिनमें डॉ. दीपक राजपूत, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. रौनक मेहरोत्रा तथा सभी रेज़िडेंट शामिल हैं, ने सतर्क पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे रोगी को सर्वोत्तम संभव परिणाम प्राप्त हो सका।”

कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन के लंबे अनुभव एवं कार्यकुशलता से एम्स नई ऊंचाइयों को छूने की ओर अग्रसर है। इस सफलता पर उन्होंने टीम की सराहना करते हुए मनोबल बढ़ाया। उन्होंने बताया कि एम्स आगे आने वाले समय में इस प्रकार के कठिन उपचारों के लिए एक आदर्श चिकित्सालय के रूप में विकसित होगा। अपर चिकित्सा अधीक्षक एवं यूनिट हेड डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव ने टीम की सराहना की और कहा कि यह उपलब्धि एम्स रायबरेली की आपातकालीन ट्रॉमा सेवाओं की क्षमता और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।

मंडल ब्यूरो चीफ पवन श्रीवास्तव की रिपोर्ट

 

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