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Home / उत्तर प्रदेश / भवानी घाट तालाब की पैमाईश करते हुए कानूनगो और स्थानीय लेखपाल

भवानी घाट तालाब की पैमाईश करते हुए कानूनगो और स्थानीय लेखपाल


भवानी घाट तालाब में सौंदर्यकरण के नाम पर हो रहा भ्रष्टाचार

नसीराबाद,रायबरेली

नगर पंचायत नसीराबाद में भ्रष्टाचार अपने चरम सीमा पर है और इस पर अधिकारियों द्वारा कार्यवाही करने की कोई संभावना नहीं दिखाई पड़ती। नगर पंचायत नसीराबाद की जहां करोड़ों रुपए की लागत से विकास कार्य को प्रारंभ किया गया लेकिन इसमें व्यापक स्तर पर अनियमितताएं सामने आ रही है। अभी ताजा मामला नगर पंचायत कार्यालय से सटे हुए भवानी घाट तालाब का सुंदरीकरण का कार्य हो रहा है इसमें बनने वाली बाउंड्री वॉल में मानक के विपरीत घटिया सामग्री का प्रयोग कराया जा रहा है पिलर में लगने वाली 2 सूत सरिया का प्रयोग किया जा रहा है । जबकि लगभग 15 दिन पहले  नसीराबाद नगर पंचायत ई.ओ.राजभान शुक्ला ने निरीक्षण कर ठेकेदार को 4 सूत सरिया लगाने का आदेश दिया था लेकिन यह आदेश सिर्फ एक दिखावा ही साबित हुआ बात किया जाए चुनाई की तो 10 /1 के मसाले से हो रही है और ईंटों की तो बात ही निराली है। नगर पंचायत नसीराबाद बड़ा गोलमाल करने में लगा है बताते चले कि नसीराबाद में जुगो पहले भवानी घाट रजवाड़ी द्वारा तालाब स्थापित किया गया जिसे नगर पंचायत ने करीब दो वर्ष पूर्व 36 लाख के बजट से सौन्दर्यी करण का बीड़ा उठाया लेकिन मात्र दिखावा किया जेसीबी से मिट्टी इधर से उधर कर के बजट को हजम कर लिया गया नगर के एक व्यक्ति ने डीएम और सीएम पोर्टल पर शिकायत भी की थी सूत्रों की माने तो जांच मे भ्रष्टाचार की मुहर भी लगी थी लेकिन जांच अधिकारियों ने केवल ठेकेदार का नाम ब्लैक लिस्ट में डाल कर फाइल को दफना दिया गया रिकवरी और थाने में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई गई थी क्योंकि अगर ऐसा होता तो नीचे से लेकर ऊपर तक कमीशन खाने वालो को भी शायद जेल जाना पड़ता अब इसी माह में उक्त तालाब के पुनः सौन्दर्यीकरण के लिए फिर दूसरी बार एक करोड़ 14 लाख का बजट लिया गया जिसमें 57 लाख उक्त तालाब का और 57 लाख नाउन तालाब का है आश्चर्य तो तब हुआ जब उसी ठेकेदार को फिर से काम दे दिया गया जिसका ब्लैक लिस्ट में नाम है हालांकि ठेकेदार ने चालबाजी कर अपना फर्म का नाम बदलकर काम को पुन: हासिल कर लिया है अब यहां सवाल यह उठता है कि जिस तालाब को सौंदर्यीकरण के लिए पहले ही बजट मिला हो वह भी 36 लाख और भ्रष्टाचार लगा हो तो क्या उसी पर दूसरी बार फिर मिल सकता है वह भी दो वर्षों के दरमियान यही नहीं 57 लाख के बजट में तालाब पर पूरे मानक विहीन काम कराया जा रहा है सरिया पतली तो मसाला 10/1 का पूरे मानक के विपरीत काम चल रहा है तालाब पर दिशा (पूरब) की तरफ पहले बजट में सीढ़ियां बनाई गई थी जबकि पश्चिम साइड रजवाड़ी के समय से ही सीढ़ियां बनी हुई थी उसका भी बजट पास करवा कर हजम कर लिया मामला यहीं नहीं नगर पंचायत इतना गोलमाल करने में लगा कि ट्रस्ट की जमीन को भी हथियाना चाह रहा है रामलीला कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष नगर निवासी पवन श्रीवास्तव द्वारा सीएम पोर्टल पर शिकायत की गई है की तालाब अधिक भूमि पर बन रहा है उन्होंने अपने शिकायती पत्र में लिखा है की रामलीला मैदान की अधिक भूमि पर तालाब की बाउंड्री बढ़ाकर बनाई जा रही जब इस संबंध में पवन श्रीवास्तव रामलीला कमेटी के अध्यक्ष से बात की गई तो उन्होंने बताया की तलाब एक बीघा दो विश्वा में है जबकि इस समय डेढ बीघा में बनाया जा रहा है उन्होंने आगे बताया कि मैदान के बगल में पुराना भवानी घाट तालाब स्थित है जिस पर वषों पुरानी सीढ़ियों का निर्माण भी स्थित है।  जिसमें ठेकेदार द्वारा मेड बंदी ,लाइट एक तरफ इंटरलॉकिंग करके इतिश्री कर ली गई थी तालाब के पूरब, उत्तर ,दक्षिण श्री रामलीला की जमीन है कार्यालय को जाने वाला रास्ता और नगर पंचायत के सामने स्थित जमीन श्री रामलीला के नाम दर्ज है ठेकेदार द्वारा सुलभ शौचालय टैंक को बंद करके रामलीला की जमीन पर निर्माण कर रहा है इसकी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई गई थी यह शिकायत राजस्व विभाग 40015025036699 एवं नगर विकास विभाग-40015025036700 पर दिनांक 10 11.2024 को की गई थी जिस पर अधिशासी अधिकारी द्वारा बगैर काम को रुकवाए दिनांक 12/ 11/ 2025 को शिकायत को निक्षेपित कर दिया और यूपी जिला अधिकारी समेत को अपने पत्रांक  293 दिनांक 12 /11 /2025 को पत्र प्रेषित करते हुए तालाब की भूमि का चिन्हांकन स्थानीय लेखपाल के माध्यम से कराया जाये। गुरुवार को कानून गो अमर बहादुर सिंह, लेखपाल संदीप तिवारी मौके पर पहुंचकर तालाब का नाप किया गया  तो जिसमें 0.065 हेक्टर श्री रामलीला की भूमि पर जांच के दौरान अवैध कब्जा पाया गया। जिसे देखते हुए कानून गो ने ठेकेदार के द्वारा चलाया जा रहा काम को रुकवा दिया है उन्होंने कहा जब तक इसका निष्कर्ष नहीं हो जाता तब तक कोई काम नहीं होगा।इसके के बारे में ई.ओ राजभान शुक्ला से सीयूजी नंबर पर बात किया गया तो उनका फोन मनीष जो इस कार्यालय के बाबू ने उठाया और उन्होंने बात करना उचित नहीं समझा इसके बाद जे.ई केशरी नाथ त्रिपाठी से बात किया तो उन्होंने बताया कि एस्टीमेट की कॉपी ईओ साहब के पास रहती है जबकि बिना जे.ई कोई भी एस्टीमेट पास नहीं होता लेकिन हमारे साहब को पता ही नहीं एस्टीमेट के बारे में। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पवन श्रीवास्तव ने कहा कि घोटाले की जांच की जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी अब देखना यह है की उच्च अधिकारियों की निगाह कब इस नगर पंचायत नसीराबाद पर पड़ती हैं।

उमा शंकर चौरसिया की रिपोर्ट

 

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