बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, विधायक ने मंच से खोला मोर्चा
रायबरेली।
रायबरेली जनपद में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सलोन क्षेत्र के विधायक अशोक कुमार कोरी ने विभागीय अधिकारियों पर खुलेआम भ्रष्टाचार और घूसखोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। यह मामला उस समय सामने आया जब सलोन में आयोजित एक विद्युत कैंप के दौरान विधायक ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) की मौजूदगी में ही विभाग के अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर दिया।
*सार्वजनिक मंच से लगाए आरोप* ———–
घटना के दौरान विधायक अशोक कोरी ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि बिजली विभाग में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार फैला हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से छतोह सब डिविजन के सब डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) पर सीधा आरोप लगाते हुए उन्हें “घूसखोर” तक कह दिया। विधायक ने कहा कि आम जनता से छोटे-छोटे कामों के लिए भी अवैध वसूली की जा रही है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
*वीडियो हुआ वायरल,मचा हड़कंप*———
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विधायक अधिकारियों के खिलाफ तीखी नाराजगी जताते हुए नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बना दिया है। लोग इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
*जनता की समस्याओं को बताया गंभीर*——–
विधायक कोरी ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से बिजली विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कनेक्शन, बिल सुधार, लाइन मरम्मत जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी लोगों को रिश्वत देनी पड़ती है। इससे गरीब और आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
*सरकार की छवि पर पड़ रहा असर* ———-
विधायक ने यह भी कहा कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि उनके क्षेत्र में किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
*प्रशासन की मौजूदगी में उठे सवाल* ———
इस पूरे मामले की खास बात यह रही कि यह आरोप किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक मंच से लगाए गए, जहां उप जिलाधिकारी सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद थे। इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से मौके पर कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया, जिससे सवाल और गहरे हो गए हैं।
*क्या होगी कार्रवाई* ?———-
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वायरल वीडियो और विधायक के गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या जांच होगी? क्या दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा—यह देखने वाली बात होगी।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने रायबरेली में बिजली विभाग की पारदर्शिता और कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, और आम जनता को अब न्याय और सुधार की उम्मीद है।
मंडल ब्यूरो चीफ पवन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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