खाकी वर्दी की हनक से डरा सहमा परिवार
रायबरेली
न्याय पाने के लिए नसीराबाद थाना के काट रहा हैं पीड़ित चक्कर लेकिन क्षेत्रीय सिपाही की पहुंच और खाकी वर्दी की हनक से हर बार निराश होकर लौटता है पीड़ित। आखिर क्यों व्यक्ति गत रूप ले रहा हैं क्षेत्रीय सिपाही। इस बात पर सवाल खड़ा हो रहा हैं। क्या खाकी धारी सिपाही उच्च अधिकारियों पर न्याय करने पर लगा रहा हैं रोक। गांव पूरे मान्धाता मजरे बिरनावा निवासी अनिल कुमार ने थाना
नसीराबाद में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पुस्तैनी जमीन पर मकान बना रहा था। तो पड़ोसी रास्ता देने को लेकर विवाद करने लगे। जो कि लगभग दस वर्ष पहले से नींव डाल कर छोड़ दिया गया था। विवाद करने पर डायल 112 को कॉल कर बुलाया गया। जिन्होंने मामले को अन्य ग्रामीणों से पूछ ताछ करने पर ग्रामीणों ने बताया कि इस तरफ से… इनका कोई पहले से रास्ता नहीं था।
जबरजस्ती इनके जमीन से रास्ता लेना चाहती है केवल विवाद कर रहे हैं। जिसके बाद उचित न्याय न मिलने पर थाना नसीराबाद में न्याय के लिए लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसमें क्षेत्रीय सिपाही विनोद चौरसिया ने आकर विपक्षी से साठ गांठ कर जबरन रास्ता देने के लिए दबाव बनाने लगें। उनके प्रोत्साहन से विपक्षी द्वारा मार पीट करने पर आमादा रहता हैं।
आलम यह हैं कि पीड़ित अनिल कुमार के साथ कोई भी घटना घट सकती हैं। जिस पर पुलिस की इस कार्य शैली पर सवाल उठता है कि न्याय करने की जगह पर विवाद उत्पन्न करवाना पुलिस की कार्य शैली ठीक नहीं है।
म्मदल ब्यूरो चीफ पवन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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