दुबई से जुड़े साइबर ठगों का भंडाफोड़, रायबरेली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रायबरेली
रायबरेली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले साइबर अपराध के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह के निर्देशन में साइबर थाना, एसओजी, सर्विलांस और थाना डीह की संयुक्त टीम ने चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनका संचालन दुबई से हो रहा था। गिरोह के पास से 3.27 लाख रुपये नकद, फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, सिम कार्ड और एक कार बरामद की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में गैंग लीडर संजय पाण्डेय पुत्र लल्लन निवासी ग्राम रेधरा, थाना डीह, रायबरेली है। पूछताछ में संजय ने बताया कि वह वर्ष 2018 में दुबई गया था, जहां उसकी मुलाकात रहीम नामक व्यक्ति से हुई। रहीम ने उसे भारत लौटकर बैंक खाते खुलवाने और उनमें साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने का काम सौंपा। इसके बदले में कमीशन तय किया गया और संजय को पूरा नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई।
भारत लौटने के बाद संजय ने नसीराबाद और डीह थाना क्षेत्र के कुछ युवकों को मिलाकर एक गिरोह बनाया। इनका काम था भोलेभाले लोगों को झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाना। इन खातों की पासबुक, एटीएम और अन्य दस्तावेज गिरोह के पास रहते थे। जब इन खातों में साइबर ठगी से आई रकम आती थी, तो उसे एटीएम या CDMA मशीन के माध्यम से रहीम द्वारा बताए गए अन्य राज्यों के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। प्रत्येक खाते के लेन-देन पर खाताधारकों को मामूली कमीशन दिया जाता था—जैसे हर 50 हजार रुपये पर केवल 700 रुपये।गिरोह ने अब तक करीब 60 से 80 करोड़ रुपये की ठगी की है, जो कि झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भेजी गई। पकड़े गए अन्य आरोपियों में सोनू पाण्डेय उर्फ योगेन्द्र पाण्डेय पुत्र राजेन्द्र पाण्डेय निवासी ग्राम देवनाथपुर बिरनावां, थाना नसीराबाद; दुर्गेश पाण्डेय पुत्र राजेन्द्र पाण्डेय, वही पता; और दीपक सिंह पुत्र कुंवर बहादुर सिंह, ग्राम कुडहरा, पूरे भदौरियन, थाना नसीराबाद शामिल हैं।
गिरोह के पास से बरामद सामग्री में 3,27,590 रुपये नकद, 04 फर्जी आधार कार्ड, 09 मोबाइल फोन, 06 एटीएम कार्ड, 01 प्रीपेड कार्ड, 03 बैंक पासबुक, 01 सिम कार्ड और घटना में प्रयुक्त एक कार (UP33U4231) शामिल है, जिसे धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज कर लिया गया है।पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई को साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच जारी है। रायबरेली पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ जिले बल्कि प्रदेशभर के साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने दस्तावेज या बैंक खाता किसी को न दें। ऐसा करना आपको भी अपराध में शामिल कर सकता है और आप कानून की गिरफ्त में आ सकते हैं।
दिलीप कुमार यादव की रिपोर्ट
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